भारत में वोटर कार्ड (Voter ID) न केवल मतदान के लिए जरूरी है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र भी है। लेकिन कई बार लोगों के नाम पर गलती से या अनजाने में दो वोटर कार्ड बन जाते हैं, जिसे डुअल वोटर कार्ड कहा जाता है। यह न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार इसके लिए सज़ा भी हो सकती है।
तो सवाल है — कैसे पता करें कि आपके नाम पर डुअल वोटर कार्ड हैं? आइए जानते हैं।
- ऑनलाइन वोटर लिस्ट चेक करें
सबसे पहले नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल (NVSP) की वेबसाइट https://www.nvsp.in/ पर जाएं।
“Search in Electoral Roll” ऑप्शन पर क्लिक करें।
अपना नाम, जन्मतिथि और राज्य डालकर सर्च करें।
अगर आपके नाम से एक से ज्यादा एंट्री दिख रही हैं, तो इसका मतलब आपके पास डुअल वोटर कार्ड हो सकते हैं।
- राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट देखें
हर राज्य की चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी वोटर लिस्ट उपलब्ध होती है। यहां भी आप अपने नाम से सर्च कर सकते हैं।
- चुनाव कार्यालय में संपर्क करें
अगर आपको संदेह है कि आपका नाम अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज है, तो नज़दीकी बीएलओ (Booth Level Officer) या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
4.डुप्लीकेट कार्ड हटवाना
अगर डुअल वोटर कार्ड की पुष्टि हो जाए तो Form 7 भरकर पुराने या गलत एंट्री को हटवाएं। यह प्रक्रिया NVSP वेबसाइट या चुनाव कार्यालय में ऑफलाइन पूरी की जा सकती है।
अपने नाम पर डुअल वोटर कार्ड होना कानूनी रूप से गलत है। समय-समय पर अपनी वोटर डिटेल्स चेक करते रहें ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
FAQ Section
Q1. क्या दो वोटर आईडी कार्ड रखना गैरकानूनी है?
हाँ, यह कानूनन गलत है और इसके लिए सजा हो सकती है।
Q2. अगर गलती से दो वोटर आईडी बन गए तो क्या करें?
पुराने या गलत कार्ड को कैंसिल करने के लिए फॉर्म 7 भरें।
Q3. क्या मैं आधार कार्ड से वोटर आईडी लिंक करके डुप्लीकेट रोक सकता हूँ?
हाँ, आधार लिंकिंग से डुप्लीकेट एंट्री काफी हद तक रोकी जा सकती है।
Note: अगर NVSP नहीं खुल रहा हो, तो आप अपने राज्य की Chief Electoral Officer (CEO) की वेबसाइट या District Election Office (DEO) के पोर्टल पर जाएँ। ये भी वोटर लिस्ट चेक करने और सुधार के लिए अल्टरनेट विकल्प होते हैं।
