Cyber Crime

Cyber Crime News: टेलीकम्यूनिकेशन की मदद से डेटा, या संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है। यह संचार का महत्वपूर्ण और अनिवार्य हिस्सा है, जो समाज, व्यापार, और अन्य क्षेत्रों में संचार को संभालता है। लेकिन हाल ही में दूरसंचार विभाग (DoT) ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य सहित दूरसंचार ऑपरेटरों को साइबर अपराधों से संबंधित 28,200 मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही इन दूरसंचार कंपनियों को 20 लाख मोबाइल कनेक्शन के लिए भी तुरंत री-वेरिफिकेशन करने के लिए भी कहा गया है। आइये इसके बारे में जानते हैं।

भारत में बढ़ता साइबर क्राइम

भारत में टेलीकम्यूनिकेशन का विकास बड़े पैमाने पर हुआ है, जिसने सोसाइटी को अधिक जुड़ाव और संचार के माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने की स्वतंत्रता प्रदान की है। लेकिन, इसके साथ ही, साइबर अपराधों के लिए एक नया क्षेत्र भी उत्पन्न हुआ है। साइबर अपराधी अब टेलीकम्यूनिकेशन के माध्यम से अपराधिक कार्रवाई करते हैं, जैसे कि ऑनलाइन फ्रॉड, डेटा चोरी, फिशिंग, आदि। भारत में साइबर अपराधों की चुनौती को निपटाने के लिए टेलीकम्यूनिकेशन कंपनियों को सजग रहने और सुरक्षित नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने की आवश्यकता है।

धोखेबाजों का नेटवर्क खत्म करने का प्रयास

  • दरअसल, एक आधिकारिक बयान में पता चला है कि दूरसंचार विभाग (DoT), गृह मंत्रालय (MHA) और राज्य पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए हाथ मिलाया है।
  • बताया जा रहा हैं कि इस सहयोगी प्रयास का उद्देश्य धोखेबाजों के नेटवर्क को खत्म करना और नागरिकों को डिजिटल खतरों से बचाना है।
  • गृह मंत्रालय ने अपने एनालिसिस में पता चला है कि साइबर क्राइम में 28,200 मोबाइल हैंडसेट का दुरुपयोग किया गया था। आगे DoT ने पाया कि इन मोबाइल हैंडसेट के साथ 20 लाख नंबरों का उपयोग किया गया था।

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1.66 करोड़ मोबाइल कनेक्शन काटें

  • DoT ने कहा कि अगर टेलीकॉम कंपनी कनेक्शन री-वेरिफिकेशन में विफल रहते है तो इनके कनेक्शन काट देना है।
  • बता दें कि दूरसंचार धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों को संभालने के लिए DoT ने मार्च में चक्षु पोर्टल लॉन्च किया था। तब से विभाग ने दुर्भावनापूर्ण और फिशिंग SMS भेजने में शामिल 52 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
  • इतना ही, देश भर में 348 मोबाइल हैंडसेटों को भी ब्लॉक कर दिया गया हैं। 10,834 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को री-वेरिफिकेशन के लिए चिह्नित किया है।
  • साइबर क्राइम और वित्तीय धोखाधड़ी या फर्जी या जाली दस्तावेजों पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन में शामिल होने के कारण DoT ने IMEI नामक 1.58 लाख यूनिक मोबाइल डिवाइस ब्लॉक कर दिया है।
  • वहीं, इस साल 30 अप्रैल तक DoT ने 1.66 करोड़ मोबाइल कनेक्शन काट दिए। इनमें से 30.14 लाख कनेक्शन यूजर्स की प्रतिक्रिया के आधार पर और 53.78 लाख नए सिम कार्ड खरीदने की व्यक्तिगत सीमा से अधिक होने पर काट दिए गए।

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