Deoria में नवरात्र के दौरान डांडिया और गरबा कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सदर कोतवाली क्षेत्र में डांडिया आयोजन स्थल के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें लिखा था—”मुस्लिम का प्रवेश वर्जित”। इस विवादित पोस्टर के लगने के बाद जिले में माहौल गरमा गया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और बजरंग दल के सह जिला संयोजक विशाल जी और आयुष को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भड़क गए और दर्जनों की संख्या में कोतवाली पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पुलिस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है।
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जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कोतवाली पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इस तरह का हस्तक्षेप अनुचित है। काफी बहस और दबाव के बाद पुलिस ने देर रात दोनों कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया।
जिले में बढ़ी राजनीतिक हलचल
इस घटना ने न केवल धार्मिक माहौल को संवेदनशील बना दिया है, बल्कि जिले की राजनीतिक गतिविधियों को भी तेज कर दिया है। हिंदू संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित करार दिया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
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प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा के इंतजाम
नवरात्र के दौरान डांडिया और गरबा कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह के विवादित पोस्टर या भड़काऊ नारे नहीं लगाए जाएंगे।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल जिले में माहौल शांत बताया जा रहा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी कीमत पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
