Deoria (उत्तर प्रदेश): देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर 31 अगस्त की रात हुई एक बड़ी घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस घटना में RPF इंस्पेक्टर आस मोहम्मद पर जानलेवा हमला करने वाले सात किन्नरों के गैंग को RPF और GRP की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग घटना के बाद नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते इनकी गिरफ्तारी कर ली गई।
घटना की पूरी कहानी: वसूली से हमला तक
31 अगस्त की रात यात्रियों से जबरन पैसे वसूलने की शिकायत पर RPF इंस्पेक्टर आस मोहम्मद देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने मौके पर कुछ किन्नरों से पूछताछ की और दो को थाने ले आए।
इसी दौरान आधा दर्जन से ज्यादा किन्नरों ने इंस्पेक्टर पर अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि किन्नरों ने न केवल इंस्पेक्टर पर डंडों से हमला किया, बल्कि थाने के ऑफिस में तोड़फोड़ भी की। किसी तरह इंस्पेक्टर ने अपनी जान बचाई, लेकिन कई किन्नर मौके से भाग निकले।
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गैंग की गिरफ्तारी और चौंकाने वाला खुलासा
इस हमले के बाद RPF और GRP की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। शुरू में ही दो किन्नरों को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में पांच अन्य की तलाश शुरू हुई।
GRP के CO सवी रतन गौतम ने बताया कि
“गैंग यात्रियों से जबरन वसूली करता था, मारपीट करता था। मेडिकल जांच में खुलासा हुआ कि पकड़े गए सात में से पांच फर्जी किन्नर हैं जबकि दो ने जेंडर चेंज कराया है। ये लोग किन्नरों के वेष में अवैध गतिविधियों में लिप्त थे।”
नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी
RPF के सहायक सुरक्षा आयुक्त मुकेश कुमार पवार ने जानकारी दी कि पांच आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। क्राइम ब्रांच की मदद से मंगलवार सुबह सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों में देवरिया और बिहार के कई जिलों के लोग शामिल हैं। पुलिस ने इनके नाम इस प्रकार बताए:
आलमगीर उर्फ चंदा, साहिल उर्फ सोनम, रॉबिन उर्फ पूजा, विकास वर्मन उर्फ रसीली, यशवंत उर्फ मुस्कान, चितरंजन उर्फ काजल, विनोद कुमार उर्फ नैना, पुलिस की कार्रवाई
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कुल सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और पुलिस अब इनकी आपराधिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि ये गैंग लंबे समय से रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से जबरन वसूली और मारपीट में शामिल रहा है।
देवरिया रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि कुछ लोग किन्नरों की आड़ में अवैध काम कर रहे हैं। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अब आगे की जांच में इनके नेटवर्क के बारे में और खुलासे हो सकते हैं।
