Lucknow: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज लकड़मंडी इलाके में 22 सितंबर को प्रेम प्रसंग के चलते हुई अली अब्बास (22) की निर्मम हत्या का मामला एक नया मोड़ ले चुका है। मृतक की प्रेमिका ने अब एक वीडियो जारी कर उस भयानक रात की दास्तान सुनाई है। उसने अपने भाई हिमालय प्रजापति और उसके साथियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए कहा है कि “शादी नहीं करानी थी तो न कराते, हिंदू-मुस्लिम क्या होता है?” पुलिस ने आरोपियों (हिमालय प्रजापति, चचेरे भाई सौरभ प्रजापति और सोनू) को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शादी की बात कहकर रात में बुलाया
युवती ने वीडियो में खुलासा किया कि हत्या का पूरा षड्यंत्र उसके भाई हिमालयन ने रचा था। भाई ने पहले उसे मारा-पीटा और फिर अचानक बोला कि वह अली अब्बास से कोर्ट मैरिज करवा देगा। इसी बात पर भरोसा दिलाकर, उसने युवती से अली को रात करीब डेढ़ बजे यह कहकर बुलाने को कहा कि शादी की बात करनी है।
युवती ने बताया कि अली, जो उसे चार साल से प्यार करता था और कभी झगड़ा नहीं करता था, शादी की बात सुनकर तुरंत आ गया। युवती को ज़रा भी शक नहीं हुआ कि भाई ने यह सब उसे मारने के लिए किया है।
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दुरमुट और ईंटों से कूचा सिर, विनती करता रहा प्रेमी
युवती ने बताया कि अली के आने के बाद कैसे क्रूरता की सारी हदें पार की गईं, भाई हिमालयन अली को अपने दोस्तों के साथ एक गली में ले गया और वहाँ की लाइट बंद कर दी। इसके बाद उन सबने लोहे की रॉड से अली पर हमला किया।
जब अली ज़मीन पर गिर गया, तो उन्होंने गिट्टी बराबर करने वाले लोहे के दुरमुट और ईंटों से उसका सिर बेरहमी से कूच दिया। उसकी पैर की और रीढ़ की हड्डी भी तोड़ दी। युवती ने बताया कि अली जान छोड़ने के लिए विनती करता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा और वे लगातार वार करते रहे।
‘बचाने के लिए भागी तो मां ने रोका’
युवती ने बताया कि जिस वक्त हत्या हो रही थी, उसकी चीख सुनकर वह बचाने के लिए भागी, युवती ने कहा कि उसकी माँ ने उसे यह सोचकर रोक लिया कि कहीं हत्यारे उसे भी न मार दें। माँ की मजबूरी के बावजूद, वह चीखती रही।
सूचना देना: इसके बाद उसने तुरंत पुलिस और अली के पिता आरिफ जमीर (जो ई-रिक्शा चलाते हैं) को कॉल करके घटना की जानकारी दी। जब सब लोग पहुँचे और अली को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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युवती का सवाल: हिंदू-मुस्लिम क्या होता है?
युवती ने वीडियो में समाज और प्रशासन से कई गंभीर सवाल किए, उसने कहा, “शादी नहीं करानी थी तो न कराते। किसी की जान लेने का हक किसी को नहीं है।” उसने पूछा कि “आखिर ये हिंदू-मुस्लिम क्या होता है?” अली ने सिर्फ प्यार ही तो किया था।
आरोपियों को फांसी मिले: युवती की मुख्य मांग है कि भाई और उसके सभी साथियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, न कि उम्रकैद, ताकि उन्हें भी अली जैसी ही तड़प हो।
अन्य आरोपी: उसने आरोप लगाया कि घटना में 10-12 लोग शामिल थे, जिनमें चाची का लड़का सौरभ और सोनू भी थे, लेकिन केवल तीन पर ही कार्रवाई हुई। उसने चाची पर तमाशा देखने और अब धमकी देने का भी आरोप लगाया।
युवती ने अली के माता-पिता के दर्द को बयां करते हुए कहा कि उनके परिवार की सालों की कमाई चली गई और उसकी जिंदगी भी बर्बाद हो गई। उसने कहा कि अली ने अपनी मोहब्बत का सबूत दिया है और जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उसे शांति नहीं मिलेगी।
