Deoria, उत्तर प्रदेश: जिले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। राजेडीहा गांव निवासी एक युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भगवान श्रीराम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी, जिससे इलाके में तनाव फैलने की आशंका बढ़ गई। लेकिन पुलिस और साइबर सेल की तत्परता के चलते आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्जी इंस्टाग्राम ID से की गई थी पोस्ट
आरोपी की पहचान विवेक कुमार, पुत्र मधु लाल, निवासी राजेडीहा, थाना सलेमपुर के रूप में हुई है। उसने सोशल मीडिया पर ‘विवेक राठौर’ नाम की फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर भगवान श्रीराम के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी। इस पोस्ट को देखने के बाद कई लोगों ने गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।
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साइबर सेल ने की जांच, पुख्ता सबूतों के बाद मिली सफलता
जैसे ही मामला संज्ञान में आया, सलेमपुर कोतवाली पुलिस और देवरिया साइबर थाना हरकत में आ गए। मामला संवेदनशील होने के कारण साइबर सेल ने इंस्टाग्राम अकाउंट की बारीकी से डिजिटल जांच की। जांच में पता चला कि पोस्ट करने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि विवेक कुमार है, जो एक फर्जी नाम का इस्तेमाल कर रहा था।
स्टैंड से की गई गिरफ्तारी
पुख्ता साक्ष्य मिलते ही साइबर पुलिस ने सलेमपुर कोतवाल को सूचना दी। इसके बाद मंगलवार शाम को पुलिस टीम ने सटीक लोकेशन के आधार पर सलेमपुर कस्बे के बस स्टैंड से आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से मौबाइल फोन और इंस्टाग्राम उपयोग से जुड़े अहम डिवाइस भी बरामद किए गए हैं।
दर्ज हुआ मुकदमा, जांच जारी
अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और आईटी एक्ट की संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा फिलहाल पूछताछ की जा रही है, और यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं आरोपी का संबंध किसी संगठित साइबर नेटवर्क या ग्रुप से तो नहीं है।
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क्या कहती है कानून व्यवस्था?
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में अशांति फैलाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर सरकार और प्रशासन सख्त रुख अपना रही है। आईटी एक्ट की धारा 67, भारतीय दंड संहिता की धारा 295A, 153A जैसी धाराएं ऐसे मामलों में लगाई जाती हैं, जिनके तहत जमानत मुश्किल और सजा कठोर होती है।
निष्कर्ष: सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल करने वालों पर अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। देवरिया पुलिस और साइबर सेल की सतर्कता ने इस मामले में समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी अशांति को टाल दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को नजरअंदाज न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
