Deoria: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया जिले में स्थायी और आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण में लगातार हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि निर्देशों के बावजूद अब तक कैबिनेट स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं होना बेहद गंभीर मामला है। न्यायालय ने राज्य सरकार को अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आदेशों का पालन नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिका में कहा गया था कि देवरिया में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद जिले में अब तक एक भी स्थायी और आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो पाया है।
पहले भी दे चुका है कोर्ट सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने अपने 1 सितंबर 2025 के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बस स्टैंड निर्माण में हो रही देरी साफ तौर पर लाल फीताशाही का नतीजा है। कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बस स्टैंड की जरूरत को लेकर कोई विवाद नहीं है और सरकार को इसमें तेजी दिखानी चाहिए।
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पिछली सुनवाई में शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि वर्ष 2021-22 में यात्रियों के लिए एक अस्थायी शेड बनाया गया था और दूसरा शेड निर्माणाधीन है, जिसे अक्टूबर 2025 तक पूरा किया जाना था। उस समय कोर्ट ने कैबिनेट से मंजूरी को सबसे महत्वपूर्ण चरण बताते हुए अगली सुनवाई 8 जनवरी 2026 को तय की थी और अस्थायी शेड का कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया था।
8 जनवरी की सुनवाई में सरकार रही असफल
8 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में सरकारी पक्ष कैबिनेट मंजूरी के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी देने में नाकाम रहा। यूपीएसआरटीसी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि केंद्र सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को पीपीपी परियोजनाओं के लिए नया मॉडल आरएफपी जारी किया है।
इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि 1 सितंबर 2025 के आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। कोर्ट ने माना कि सरकार जानबूझकर मामले को टाल रही है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
राज्य सरकार को अंतिम मौका
हाईकोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को एक बार फिर अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अगले आदेश तक निर्देशों का अनुपालन नहीं हुआ तो न्यायालय को कठोर कदम उठाने पड़ेंगे।
कोर्ट ने इस प्रकरण की अगली सुनवाई की तारीख 24 फरवरी 2026 तय की है। उस दिन सरकार को यह बताना होगा कि बस स्टैंड निर्माण को लेकर अब तक क्या ठोस प्रगति हुई है और कैबिनेट स्तर पर क्या निर्णय लिया गया है।
यात्रियों को मिल सकती है बड़ी राहत
देवरिया में प्रतिदिन हजारों यात्री बस सेवाओं का उपयोग करते हैं, लेकिन आधुनिक सुविधाओं के अभाव में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थायी बस स्टैंड बनने से यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, शौचालय, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार कोर्ट की चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है और अगली सुनवाई तक कोई ठोस फैसला लेती है या नहीं।
