Deoria: जिले के बघौचघाट थाना क्षेत्र के बसडीला मैनुद्दीन गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। 64 वर्षीय किसान अंबिका कुशवाहा की खेत में काम करते समय सर्पदंश से मौत हो गई। उनकी मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, अंबिका कुशवाहा सुबह अपने धान के खेत में खाद डालने गए थे। इस दौरान एक विषैले सांप ने उन्हें काट लिया। ग्रामीणों के मुताबिक, किसान ने शुरुआत में इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया और अपना काम जारी रखा। लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें चक्कर आने लगे।
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मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें घर पहुंचाया। परिजन इलाज के लिए उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की तैयारी करने लगे। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
अंबिका कुशवाहा अपने परिवार के मुखिया थे और उनकी जीविका का मुख्य साधन खेती-बारी थी। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
घटना की सूचना मिलने पर बघौचघाट पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों तथा ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में खेतों में सांपों का निकलना आम बात है, लेकिन इस घटना ने सभी को डरा दिया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को सर्पदंश से बचाव के तरीके और प्राथमिक उपचार की जानकारी नियमित रूप से दी जाए, ताकि समय रहते जान बचाई जा सके।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यदि सर्पदंश के तुरंत बाद सही उपचार मिल जाए तो जान बचाई जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
यह घटना इस बात की दर्दनाक याद दिलाती है कि खेतों में काम करते समय सतर्कता और त्वरित इलाज ही सर्पदंश से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
