Deoria News: अब्दुल शाह गनी मजार पर चला बुलडोजर, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनी अब्दुल शाह गनी मजार को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रविवार को तय समय सीमा के तहत मजार परिसर को पूरी तरह खाली कराने के बाद तीन बुलडोजर लगाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन ने पहले कराया पूरा परिसर खाली
जिला प्रशासन ने रविवार दोपहर 12 बजे तक मजार परिसर को पूरी तरह खाली कराने का निर्देश दिया था। आदेश के तहत मजार से जुड़े लोगों को पहले ही सूचना दे दी गई थी कि वे अपने सभी सामान तय समय सीमा के भीतर हटा लें।
इसके बाद मजार से जुड़े लोगों ने ई-रिक्शा और छोटे वाहनों की मदद से वहां रखा सारा सामान हटाया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में गहमागहमी बनी रही और माहौल तनावपूर्ण नजर आया।
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तीन बुलडोजर से तोड़ी जा रही मजार
समय सीमा पूरी होते ही प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान तीन बुलडोजर मजार परिसर को तोड़ने में लगाए गए। मौके पर एसडीएम श्रुति शर्मा, सीओ सिटी संजय रेड्डी, नगर पालिका के ईओ संजय तिवारी, सदर कोतवाल विनोद सिंह समेत सैकड़ों पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
मजार सदर कोतवाली क्षेत्र में गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी हुई स्थित है। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अशांति न फैले।
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2019 से चल रहा था मामला
अब्दुल शाह गनी मजार का विवाद पिछले कई वर्षों से चर्चा में रहा है। वर्ष 2019 में पहली बार इस अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं में उलझा रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मजार सरकारी और कृषि योग्य भूमि पर बनाई गई है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के धार्मिक या अन्य निर्माण की अनुमति नहीं होती। इसी आधार पर अब कार्रवाई की गई है।
एसडीएम कोर्ट में हुई सुनवाई
इस पूरे मामले की सुनवाई एसडीएम सदर की अदालत में हुई थी। सुनवाई के दौरान मजार पक्ष और शिकायतकर्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें पेश की थीं। हाल ही में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आगे की कार्रवाई न्यायालय के अंतिम निर्णय के आधार पर ही की जाएगी।
मजार से जुड़े लोगों में नाराजगी
मजार से सामान हटाने को लेकर मजार से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मैनुद्दीन अंसारी ने बताया कि शनिवार देर रात करीब 12 बजे प्रशासन की ओर से उन्हें फोन किया गया। फोन पर कहा गया कि रविवार दोपहर 12 बजे तक मजार परिसर से सारा सामान हटा लिया जाए, नहीं तो प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।
मैनुद्दीन अंसारी ने कहा, “हम लोग कमजोर हैं और अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। प्रशासन की बात मानने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। सुबह होते ही हम लोग खुद सामान हटाने लगे।”
उन्होंने आगे कहा कि कलेक्टर, एसडीएम और कोतवाल सभी एक ही बात कह रहे थे, इसलिए मजबूरी में हमें मजार से जुड़ा सारा सामान हटाना पड़ा। “हमने अपना सामान हटा लिया है, अब आगे प्रशासन जो उचित समझे, वह करे।”
भारी पुलिस बल रहा तैनात
पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया और पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी गई।
