Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां क्रिकेट खेलते समय दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। नाली के पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दोनों बच्चों की जान चली गई। इस हादसे में एक झटके में दो परिवारों के चिराग बुझ गए। घटना खड्डा थाना क्षेत्र के भुजौली गांव की है, जहां पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
घर के पास क्रिकेट खेल रहे थे दोनों मासूम
मृतकों की पहचान भुजौली गांव के पूरब टोला निवासी रामायण सिंह के 4 वर्षीय बेटे आर्यन और पड़ोसी दीपलाल सिंह के 3 वर्षीय बेटे मयंक उर्फ ईशान के रूप में हुई है। दोनों बच्चे घर के पास ही क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान उनकी गेंद पास में बने नाली के पानी से भरे गड्ढे में चली गई। गेंद निकालने के लिए दोनों मासूम गड्ढे में उतर गए, लेकिन गहराई और फिसलन की वजह से संतुलन बिगड़ गया और वे पानी में गिर गए। देखते ही देखते दोनों डूब गए और उनकी मौत हो गई
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काफी देर तक नजर नहीं आए बच्चे
परिजनों के मुताबिक, बच्चे काफी देर तक दिखाई नहीं दिए तो आसपास तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान गांव के एक व्यक्ति ने चिल्लाकर बताया कि दोनों बच्चे गड्ढे में पड़े हुए हैं।
ग्रामीण मौके पर दौड़े और दोनों बच्चों को बाहर निकाला। उन्हें होश में लाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आनन-फानन में परिजन दोनों को तुर्कहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में दोनों को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में मचा कोहराम
डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव में मातम पसरा हुआ है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था आर्यन
आर्यन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता रामायण सिंह मजदूरी करते हैं। आर्यन की तीन बहनें हैं और वह घर का अकेला चिराग था। मयंक उर्फ ईशान भी अपने पिता दीपलाल सिंह का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन महक है। दोनों परिवारों के लिए यह हादसा असहनीय दर्द बन गया है।
मां-बाप का सहारा छिन गया
आर्यन की मां गीता देवी और मयंक की मां पुनीता देवी अपने बेटों की मौत से बेसुध हैं। बहनें अपने भाइयों को याद कर फूट-फूटकर रो रही हैं। गांव की महिलाएं परिवार को सांत्वना देने पहुंच रही हैं, लेकिन किसी के पास शब्द नहीं हैं।
गांव में पसरा मातम
इस हादसे की खबर जैसे ही फैली, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि खुले गड्ढों को तुरंत भरा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
प्रशासन से उठी सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि नाली और पानी भरे गड्ढों को सुरक्षित किया जाए। बच्चों की सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और खुले गड्ढों को तुरंत ढका जाए, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
