Meerut: हनीट्रैप गैंग की सरगना निकली डांसर ज्योति चौधरी गिरफ्तार, पूर्व फौजी से मांगी थी 1 करोड़ की रंगदारीउत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मशहूर रागिनी डांसर ज्योति चौधरी को पुलिस ने हनीट्रैप और रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रागिनी डांसर की आड़ में चल रहा एक संगठित हनीट्रैप गैंग सक्रिय था, जिसकी मास्टरमाइंड खुद ज्योति चौधरी थी। यह मामला मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां एक पूर्व फौजी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे ब्लैकमेल कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है।
प्रेमजाल में फंसाकर की ब्लैकमेलिंग
पीड़ित पूर्व फौजी के अनुसार, उसकी पहचान रागिनी डांसर ज्योति चौधरी से हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदली और इसी दौरान आरोपी ने आपत्तिजनक बातचीत और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। बाद में इन्हीं चीजों के आधार पर पीड़ित को ब्लैकमेल किया जाने लगा। आरोप है कि ज्योति चौधरी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पीड़ित को झूठे मुकदमे में फंसाने और बदनाम करने की धमकी दी और एक करोड़ रुपये की मांग रखी।
ये भी पढ़ें: Shahjahanpur: बुआ-भतीजे ने भैया दूज से पहले भगकर दोस्ती की नई सीमा पार की
मलेशिया नंबर से व्हाट्सएप कॉल, पुलिस भी हुई हैरान
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि रंगदारी की मांग मलेशिया के मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल के जरिए की जा रही थी। इसका मकसद पुलिस को गुमराह करना और अपनी लोकेशन छिपाना था। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों तक पहुंच बना ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलते ही कंकरखेड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रागिनी डांसर ज्योति चौधरी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डिजिटल चैट और कॉल रिकॉर्ड, बरामद किए गए हैं। दोनों के खिलाफ रंगदारी, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पहले भी कई लोग बने शिकार होने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि यह हनीट्रैप गैंग लंबे समय से सक्रिय था और इससे पहले भी कई लोग इसके शिकार बन चुके हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स के लिए चेतावनी
यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि सोशल मीडिया और अनजान संपर्कों से दोस्ती करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भारी नुकसान और मानसिक प्रताड़ना का कारण बन सकती है।
