UP Crime: राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर इलाके से एक शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल की वैन में सफर करने वाली 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ स्कूल वैन के ड्राइवर ने दुष्कर्म किया। यह घटना 14 जुलाई को हुई, जिसकी पुष्टि मेडिकल जांच में हुई है। पुलिस ने 18 जुलाई को आरोपी वैन ड्राइवर मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
बच्ची घर पहुंची तो थी डरी-सहमी, मां ने पूछताछ की तो खुला राज
पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी स्कूल से लौटने के बाद चुप और घबराई हुई थी। बार-बार पूछने पर बच्ची ने कहा, “वैन वाले अंकल ने गंदी हरकत की।” जब मां ने बच्ची की जांच की, तो उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान पाए। इसके बाद उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
ये भी पढ़ें: Deoria देवरिया में हिंदू महिला ने लगाया मुस्लिम मोहल्ले के लोगों पर प्रताड़ना का आरोप, सुरक्षा की लगाई गुहार
स्कूल प्रबंधन ने शिकायत पर नहीं की सुनवाई, आरोपी ने दी धमकी
मां ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल में जाकर ड्राइवर से शिकायत की, तो उसने जातिसूचक गाली दी और जान से मारने की धमकी दी। “शिकायत करोगी तो तुझे और तेरी बच्ची को गायब कर दूंगा,” ऐसा कहकर आरोपी ने उन्हें डराने की कोशिश की। स्कूल प्रबंधक संदीप कुमार ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई से इंकार कर दिया।
मेडिकल जांच में हुई दुष्कर्म की पुष्टि, एफआईआर के बाद गिरफ्तारी
17 जुलाई को मां ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। इसके बाद बच्ची का मेडिकल परीक्षण हुआ, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने 18 जुलाई को आरोपी आरिफ को कल्याण अपार्टमेंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ रेप, POCSO एक्ट और SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही: वैन में महिला अटेंडेंट नहीं थी, ड्राइवर का वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ
जांच में सामने आया कि वैन में कोई महिला अटेंडेंट नहीं थी और आरोपी ड्राइवर का बैकग्राउंड चेक या वेरिफिकेशन नहीं किया गया था। यह लापरवाही स्कूल प्रबंधन की ओर से थी। इसी वजह से स्कूल के प्रबंधक संदीप कुमार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस स्कूल के CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें: Deoria: किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी नितेश यादव को 8 महीने बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
सरकारी मंत्री की प्रतिक्रिया: एक महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट से हो फैसला
राज्य सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा, “यह छांगुर बाबा जैसा ही मामला है। दोषी को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बने। एक महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट से मुकदमा चला कर उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”
निष्कर्ष: मासूमों की सुरक्षा पर सवाल, स्कूलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए
यह मामला सिर्फ एक बच्ची के साथ अत्याचार का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी का प्रतीक है। स्कूलों को वैन जैसी सुविधाएं देने से पहले पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता बरतनी चाहिए। प्रशासन से उम्मीद की जाती है कि न्याय जल्द से जल्द और सख्त तरीके से सुनिश्चित हो।
