UP Map Approval New Rules 2026 | नक्शा पास करना हुआ आसान, NOC नियम बदलेउत्तर प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए भवन नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया है। अब नक्शा पास कराने के लिए अनावश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मांगे जाएंगे। इसके साथ ही, अगर कहीं आपत्ति आती है तो उसका निस्तारण सिर्फ 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यह निर्देश प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद ने विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में दिए हैं।
गैर जरूरी NOC नहीं मांगी जाएगी
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि अब केवल जरूरी मामलों में ही एनओसी ली जाएगी। शासकीय भवनों और हेरिटेज क्षेत्रों से जुड़े मामलों में ही एनओसी अनिवार्य होगी। अन्य मामलों में लोगों को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सभी संबंधित एनओसी को एक ही प्रोफार्मा पर लिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और तेज हो सके।
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पांच सदस्यीय समिति का गठन
पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए आवास विभाग ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति नक्शा पास करने की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर सुधार के सुझाव देगी। समिति की सिफारिशों को जल्द ही मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इससे प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय लिया जा सकेगा।
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लखनऊ विकास प्राधिकरण बनेगा मॉडल
प्रमुख सचिव ने कहा कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया को पूरे प्रदेश के अन्य विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल बनाया जाएगा। इससे सभी जिलों में एक समान, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था लागू होगी।
‘बिना वजह ना रोका जाए नक्शा’
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना कारण किसी भी नक्शे को रोका न जाए। सभी नक्शे मॉडल निर्माण एवं विकास उपविधि और जोनिंग रेगुलेशन-2025 के तहत ही पास किए जाएंगे।
‘बिना वजह ना रोका जाए नक्शा’
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक प्रदेश के विकास प्राधिकरणों में कुल 2517 नक्शे जमा हुए थे। इनमें से 596 नक्शे पास हुए, 373 नक्शे रिजेक्ट हुए, 1544 नक्शों पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ। इसी देरी को देखते हुए सरकार ने अब समयबद्ध निर्णय लेने के निर्देश जारी किए हैं।
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आम जनता को मिलेगा फायदा
इस फैसले से आम नागरिकों, बिल्डरों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब नक्शा पास कराने के लिए महीनों दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पारदर्शी व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य है कि प्रक्रिया पारदर्शी बने
अनावश्यक अड़चनें खत्म हों
15 दिनों में आपत्तियों का निस्तारण हो
सभी विकास प्राधिकरण एक समान नियमों का पालन करें.
