Mumbai

Mumbai: वह एक ‘आतंकवादी’ के खिलाफ खड़ा होना चाहता था, इसलिए उसने उससे लड़ने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला: ‘मैं दाऊद को हराना चाहता हूं। इसलिए, वह जहां भी होगा, मैं वहीं रहूंगा।’ ये कहना है दिल्ली के एक वकील अजय श्रीवास्तव का।

हाल ही में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी दाऊद इब्राहिम की चार संपत्तियों की नीलामी के बाद दिल्ली का एक वकील सुर्खियों में है। अजय श्रीवास्तव ने सबसे छोटा भूमि पार्सल, जिसका आरक्षित मूल्य सिर्फ ₹ 15,000 था उन्होंने उसे ₹ 2 करोड़ की भारी कीमत में खरीदा। इतनी ऊंची बोली का कारण: अजय श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया, “मैंने आसपास की सारी जमीन खरीद ली है। केवल जमीन का यह छोटा सा टुकड़ा बचा था, इसलिए मुझे इसके लिए इस तरह से बोली लगानी पड़ी, जैसी कोई नहीं लगाएगा।”

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हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम से जुड़ी कोई संपत्ति खरीदी है। वह वर्षों से ऐसा कर रहे है।

उन्होंने 2001 में पहली बार एक अखबार में अंडरवर्ल्ड डॉन जिसको माना जाता है कि वह कराची में छिपा हुआ है कि दो संपत्तियों की नीलामी के बारे में पढ़ा: उन्होंने बताया कि “2001 में, मैंने अखबार में पढ़ा कि दाऊद की जमीनें कर विभाग द्वारा नीलाम की जा रही थीं लेकिन लोग बोली लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे थे, मैं समझ गया कि लोग डरे हुए थे.”

वकील ने मुंबई (Mumbai) के नागपाड़ा में आतंकी की दो दुकानें खरीदी थीं. तब वह एकमात्र बोली लगाने वाले व्यक्ति थे। वह अभी भी दुकानों पर कब्जे के लिए लड़ रहा है, जबकि मुंबई की एक अदालत ने 2011 में उसके पक्ष में फैसला सुनाया था। इस आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट(Mumbai High Court) में चुनौती दी गई थी और यह मामला दाऊद की बहन हसीना पारकर के बच्चों द्वारा लड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि मुझे एक आतंकवादी के खिलाफ आगे आना चाहिए और इसके तुरंत बाद, और लोग आगे आने लगे।”

उन्होंने कहा कि संपत्ति खरीदने के बाद उन्हें धमकियां मिलीं, “इसके बाद मुझे 11 साल के लिए Z+ सुरक्षा मिली। दाऊद को हराने” का उनका जुनून ऐसा था कि अंडरवर्ल्ड डॉन के वकील का एक फोन भी उन्हें डिगा नहीं सका।

उन्होंने कहा, “तीन-चार साल पहले, दाऊद के परिवार ने अपने वकील के माध्यम से मुझसे संपर्क किया और कहा, ‘आपको यह संपत्ति मुझे बेच देनी चाहिए और मुझे बताना चाहिए कि आपको कितना पैसा चाहिए।’ मैंने इनकार कर दिया क्योंकि मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है।”

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उस व्यक्ति ने 2020 में दाऊद का पैतृक बंगला भी खरीदा था। अजय श्रीवास्तव ने कहा, “दाऊद का जन्म वहीं हुआ था। मैं मदरसे की तरह एक हिंदू स्कूल बनाना चाहता हूं। और, मैंने इस उद्देश्य के लिए सनातन धर्म पाठशाला ट्रस्ट की स्थापना की।”

वकील को अभी तक बंगले का कब्ज़ा नहीं मिला है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस साल यह मिल जाएगा।

By Javed

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